➤ धर्मशाला जेल की दीवार फांदकर फरार हुई महिला कैदी, तीन घंटे में नूरपुर से गिरफ्तार
➤ एनडीपीएस मामले में न्यायिक हिरासत में थी बंद, चुन्नी के सहारे जेल से हुई फरार
➤ जेल प्रशासन ने एसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी जांच, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कांगड़ा जिले के लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त कारागार धर्मशाला से मंगलवार सुबह एक महिला विचाराधीन कैदी के फरार होने की घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस और उप-कारागार नूरपुर की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को महज तीन घंटे के भीतर नूरपुर क्षेत्र से दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:11 बजे महिला बैरक में बंद विचाराधीन कैदी अरविंद्र कौर निवासी बल्टोहा जोधसिंह वाला, तहसील पट्टी, जिला तरनतारन (पंजाब) ने चुन्नी का सहारा लेकर जेल की दीवार फांद दी और फरार हो गई। जेल से कैदी के भागने की सूचना मिलते ही कारागार प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
महिला कैदी के फरार होने के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम और उप-कारागार नूरपुर की संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपी महिला को फरार होने के लगभग तीन घंटे बाद नूरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे दोबारा न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया है।
बताया जा रहा है कि अरविंद्र कौर को 12 जून को पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम ने 25.65 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान उसके साथ अरजिंद्र कुमार और अजय कुमार आनंद, दोनों निवासी अमृतसर (पंजाब), को भी गिरफ्तार किया गया था। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था और महिला आरोपी न्यायिक हिरासत में धर्मशाला जेल में बंद थी।
घटना के बाद कारागार प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्तर के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला कैदी किस तरह सुरक्षा घेरा तोड़कर जेल से बाहर निकलने में सफल हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि चुन्नी के सहारे दीवार फांदकर भागना जेल की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। जेल परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी, निगरानी व्यवस्था और महिला बैरक की सुरक्षा को लेकर भी नए सिरे से मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



